कुकिंग तेल मुख्यतः पौधों, जानवरों और सिंथेटिक फैट से बनाया जाता है ।
तेल को खाने को तलने पकाने व अन्य चीजों के लिए प्रयोग किया जाता है ।
क्या आपको पता है आधुनिक युग मे तेल को बीजो, फलों व नट्स से निकालने के लिए उच्चतम तापमान का प्रयोग किया जाता है जिसमें तेल बहुत ही गर्म हो जाता है और बाद में इसको ठंडा किया जाता है लेकिन इसको गर्म करने से सभी न्यूट्रिंशस वैल्यू ख़त्म हो जाती है । आयुर्वेद कहता है कि तेल को 1 ही बार गर्म किया जाना चाहिए बार बार गर्म किये हुये तेल में बैड कोलेस्ट्रॉल होता है जो हमारे ह्रदय के लिए बहूत ही हानिकारक है।
तो विकल्प क्या है? विकल्प है कोल्ड प्रेस ऑयल जिसको की प्राचीन विधि से बीजो फलो नटस आदी से तेल निकालते समय इसको गर्म नहीं किया जाता है। जिससे इसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू बरकरार रहती है।
और इसमें अच्छे कोलेस्ट्रॉल होते हैं जो हमारे ह्रदय के लिए अच्छे होते है। और इसका स्वाद भी अत्यधिक अच्छा होता है इस तेल को खाने में और घी को खाने में आपको तनिक भी पता नहीं चलेगा कि आप किस से बनी सब्जी खा रहे हैं।
Cooking oil is mainly made from plant, animal and synthetic fats.
Oil is used for frying, cooking and other things.
Do you know that in the modern era, the highest temperature is used to extract oil from seeds, fruits and nuts, in which the oil becomes very hot and later it is cooled, but by heating it, all the nutritional value is lost. It becomes Ayurveda says that the oil should be heated only once, the oil heated again and again contains bad cholesterol which is very harmful for our heart. So what is the option? The alternative is cold press oil, which is not heated while extracting oil from seeds, fruits, nuts, etc. by the ancient method. Due to which its nutritional value remains intact. And it contains good cholesterol which is good for our heart. And its taste is also very good, in eating this oil and eating ghee, you will not even know at least what vegetable you are eating.