आज के आधुनिक समय में मशीन द्वारा तैयार आटा हमारे लिए स्वास्थ्यप्रद नहीं है क्योंकि इस आटे को गेहूं के छिलके को उतारकर तैयार किया जाता है छिलके में ही स्वास्थ्यप्रद तत्त्व होते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।
प्राचीन शैली की वैदिक चक्की से पिसा हुआ आटा हमारे लिए उत्तम विकल्प है इस शैली से तैयार आटे में फाइबर प्रोटीन मैग्नीशियम और अन्य स्वास्थ्यप्रद पोषक तत्व होते हैं। फाइबर हमारे आंतों के लिए बहुत ही आवश्यक है क्योंकि यह खाने को पचाने में सहायता करता है और आंतों को स्वस्थ रखता है।
वैदिक चक्की से पिसे हुए आटे में न केवल फाइबर की मात्रा होती है बल्कि यह कम आरपीएम से पीसा जाता है जिससे इसमें पोषक तत्त्व की गुणवत्ता बनी रहती है जबकि आधुनिक चक्की के आरपीएम 1400 से 1800 होते हैं जिससे उसमें आटा गरम होता है और उसके पोषक तत्त्व ख़त्म हो जाते हैं
In today's modern times, machine prepared flour is not healthy for us because this flour is prepared by removing the skin of wheat, the peel itself contains healthy elements which are beneficial for our health.
The ancient Vedic mill-ground flour is our best choice. The flour prepared from this style contains fiber, protein, magnesium and other healthy nutrients. Fiber is very important for our intestines as it aids in digestion of food and keeps the intestines healthy. Vedic milled flour not only has high fiber content but is also milled at low RPM to maintain its nutritional quality whereas modern mills have RPMs of 1400 to 1800, which heats the flour and retains its nutrients. elements run out