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Vaidik Upvan

वैदिक उपवन के   उद्देश्य

  • आज के आधुनिक युग में हम सब प्रकृति के अंधाधुंध दोहन में लगे पड़े हैं| अधिक पाने व ज्यादा आरामदायक स्थिति में रहने की होड़ में हम यह भी भूल जाते हैं कि हम कितना जहर धरती और प्रकृति में घोल रहे हैं|
  • यही जहर हम और हमारे बच्चे हवा व खाद्य पदार्थो के माध्यम से नित्य ग्रहण कर रहे हैं| जिससे हमें तरह तरह की बीमारियां के शिकार हो रहे हैं, इसी कारण से हमने मानव को प्रकृति के प्रति सचेत करने के लिए वैदिक उपवन का निर्माण किया है ताकि हम यह दिखा सकें कि कैसे प्रकृति का दोहन किए बिना हम सुखी रह सकते हैं। इसके मुख्य घटक इस प्रकार हैं
  • इसके मुख्य घटक इस प्रकार हैं
  • 1 -गाय के सानिध्य में रहना व गाय के उत्पादो का इस्तेमाल करना जो हमारे व प्रकृति के दोनों के लिए लाभदायक है
  • 2- पर्यावरण अनुकूल प्रकृति उत्पादों से बने घर का उपयोग करना |
  • 3 -जैविक खेती, जिसमे बिना यूरिया, डीएपी व ख़तरनाक कीटनाशकों का उपयोग करे बगैर फल सब्जियां व अनाज का उत्पादन करना।
  • 4-हमारी पुरानी पुरातन संस्कृति पर वापस लौटना जहां योग व ध्यान का महत्त्व है| तथा मढ़ थैरेपी व जल थेरेपी से बहुत से रोगों का इलाज किया जा सकता है।

Vaidik Upvan   cottages

Cottages

वैदिक उपवन में रहने के लिए नेचर फ्रेंडली कॉटेज होंगी, जिनको वैदिक तरीके से बनाया जाएगा, दीवारें गोबर व मढ से लिपी होंगी और उनका पेंट भी नेचुरल होगा।

कॉटेज के आगे व पीछे हराभरा गार्डन होगा जिसमें औषधि पौधे, सब्जी व फलों के पेड़ होंगे| दोनों तरफ गार्डन होने की वजह से कॉटेज अच्छी तरह से क्रॉस वेंटिलेटेड होगी|

कॉटेज में रहने वाले लोगों के लिए वैदिक रसोई में बना हुआ भोजन परोसा जाएगा|

Cow Vigyaan

समुद्र मंथन के समय गाय माता कामधेनु प्रकट हुई , जिनमे 33 कोटी देवी देवताओ का वास है | भारतीय गाय एक मात्र ऐसा प्राणी है जिसका तापमान 36-37 डिग्री होता है जो की आदमी के तापमान के बिल्कुल बराबर है, जिसकी वजह से गाय का दूध व घी बच्चे से लेकर वृद्ध आदमी तक को पचाने के लिए उपयुक्त है | भारतीय गाय के दूध मे A2 प्रोटीन होता है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए अति उत्तम मन जाता है |

किसान का विकास व आय बढ़ाने की बात गाय के बिना सोचने का कोई मतलब ही नहीं |

Cow Dung Cake

हिन्दू धर्म में हवन करने की रीती बहुत पुरानी है हजारों सालों से ऋषि मुनि हवन करते आ रहे हैं यहां तक कि देवताओं ने भी हवन किया है हिन्दू धर्म में हर क्रिया में विज्ञान छिपा है

हवन में भी विज्ञान है हवन करने से हमारा वातावरण, हमारा मन पवित्र होता है, पेड़ पौधों को ऊर्जा मिलती है जिससे उनमें एक नवजीवन का प्रवाह होता है। हवन के लिए मुख्य रूप से आम की लकड़ी का प्रयोग किया जाता है

जो मोटाई में हमारे अंगूठे के बराबर होनी चाहिए और उसके ऊपर छाल होनी चाहिये

Cow Dung Dhoop Batti

गाय के गोबर से बनी धूपबत्ती आजकल काफी प्रचलन में है लोग इसके बारे में जागरूक हो रहे हैं जो लोग इस भागदौड़ की जिंदगी में हवन के लिए समय नहीं निकाल पाते उनके लिए गाय के गोबर से बनी धूपबत्ती बहुत ही अच्छा विकल्प है

हम हर रोज पूजा करते हैं दीपक धूप चलाते हैं बस हमें सामान्य धूप की जगह गाय के गोबर से बनी धूपबत्ती या अगरबत्ती जलानी चाहिए ।

दोस्तों आप लोग यह जब दो जानते होंगे कि हमारे घरों में जो फर्नीचर साज सज्जा का सामान होता है

Cow Dung Gamla

आज के समय में अगर आप नर्सरी जाते हैं तो देखते हैं वहाँ बहुत सारे प्लास्टिक की थैलियों में पौधे भरकर रखे जाते हैं और नर्सरी वाले हमें प्लास्टिक के गमलों में पौधे देते हैं कहीं ना कहीं ये हमारी प्रकृति के लिए बहुत ही बड़ा संकट है क्योंकि यह प्लास्टिक कहीं ना कहीं उपयोग करने के बाद में घूमती फिरती है।

क्योंकि आप जानते हैं कि प्लास्टिक बहुत जल्दी गलती नहीं है तो ये हमारी मिट्टी और हमारे पर्यावरण के लिए बहुत ही हानिकारक है।

Cow Dung Haven Samidha

हिन्दू धर्म में हवन करने की रीती बहुत पुरानी है हजारों सालों से ऋषि मुनि हवन करते आ रहे हैं यहां तक कि देवताओं ने भी हवन किया है हिन्दू धर्म में हर क्रिया में विज्ञान छिपा है।

हवन में भी विज्ञान है हवन करने से हमारा वातावरण, हमारा मन पवित्र होता है, पेड़ पौधों को ऊर्जा मिलती है जिससे उनमें एक नवजीवन का प्रवाह होता है। हवन के लिए मुख्य रूप से आम की लकड़ी का प्रयोग किया जाता है

जो मोटाई में हमारे अंगूठे के बराबर होनी चाहिए और उसके ऊपर छाल होनी चाहिये

Cold Press cooking Oils

कुकिंग तेल मुख्यतः पौधों, जानवरों और सिंथेटिक फैट से बनाया जाता है ।

तेल को खाने को तलने पकाने व अन्य चीजों के लिए प्रयोग किया जाता है ।

क्या आपको पता है आधुनिक युग मे तेल को बीजो, फलों व नट्स से निकालने के लिए उच्चतम तापमान का प्रयोग किया जाता है जिसमें तेल बहुत ही गर्म हो जाता है और बाद में इसको ठंडा किया जाता है लेकिन इसको गर्म करने से सभी न्यूट्रिंशस वैल्यू ख़त्म हो जाती है ।

Fresh Cooled Process Atta

आज के आधुनिक समय में मशीन द्वारा तैयार आटा हमारे लिए स्वास्थ्यप्रद नहीं है क्योंकि इस आटे को गेहूं के छिलके को उतारकर तैयार किया जाता है छिलके में ही स्वास्थ्यप्रद तत्त्व होते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।

प्राचीन शैली की वैदिक चक्की से पिसा हुआ आटा हमारे लिए उत्तम विकल्प है इस शैली से तैयार आटे में फाइबर प्रोटीन मैग्नीशियम और अन्य स्वास्थ्यप्रद पोषक तत्व होते हैं। फाइबर हमारे आंतों के लिए बहुत ही आवश्यक है क्योंकि यह खाने को पचाने में सहायता करता है

Organic Fruits & Vegetables

ऑर्गेनिक वेजिटेबल सेन फ्रूट्स आप सब जानते ही हैं कि आजकल लोग ज़्यादा से ज़्यादा उत्पादन के चक्कर में बहुत सारा यूरिया डीएपी और कीटनाशकों का छिड़काव करते हैं ऊपर से जो बीज रोपे जाते हैं वो भी हाइब्रिड होते हैं जिसकी गुणवत्ता कुछ ख़ास नहीं होती है।

इनमें से कुछ भेज तो बहुत ही हानिकारक होते हैं ऊपर से डाले वे कीटनाशक यूरिया डीएपी जमीन की प्राकृतिक शक्ति को ख़त्म कर देते हैं और उसमें सिर्फ रासायनिक तरीके से सब्जी और फल और आना जो गाये जाते

Vaidik   /Facilities

Cow Vigyaan

Cow Vigyaan

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